हमारे प्यार को देख उसके घर वाले भी मान गए, मुझे बहू बनाकर वह अपने घर ले गए। हमारे प्यार को देख उसके घर वाले भी मान गए, मुझे बहू बनाकर वह अपने घर ले गए।
शब्द शरीर भर नहीं होते इनके अंदर से भाव निकलते हैं। शब्द शरीर भर नहीं होते इनके अंदर से भाव निकलते हैं।
उसकी एक झलक देखने के लिए कुछ भी करने को मन तैयार हो क्या यही है प्यार? उसकी एक झलक देखने के लिए कुछ भी करने को मन तैयार हो क्या यही है प्यार?
आसान नहीं प्यार और दोस्ती निभाना एक दूसरे के एहसासों को समझ पाना, आसान नहीं प्यार और दोस्ती निभाना एक दूसरे के एहसासों को समझ पाना,
वो धुंधली पड़ रही यादें वो खामोश सा उसका चेहरा। वो धुंधली पड़ रही यादें वो खामोश सा उसका चेहरा।
जिसके जज्बात मसाला हैं तमाशों के बाद महफ़िल न सुना बयान उसका। जिसके जज्बात मसाला हैं तमाशों के बाद महफ़िल न सुना बयान उसका।